हल्की गतिविधि, बड़ा प्रभाव
शारीरिक सक्रियता का मतलब सिर्फ जिम जाना नहीं है। हमारे शहरी जीवन में भी हम चलते-फिरते रह सकते हैं।
लगातार बैठे रहने की आदत बदलना
चाहे आप घर से काम (Work from home) कर रहे हों या ऑफिस में हों, लगातार घंटों बैठे रहना हमारी आदत बन गई है। बस, ऑटो या मेट्रो में यात्रा करते समय भी हम बैठे ही रहते हैं। आइए देखते हैं कि हम अपनी दिनचर्या में हलचल कैसे जोड़ सकते हैं।
छोटी शुरुआत
सुबह उठने के बाद थोड़ी देर बालकनी या छत पर टहलें। अगर आप बस या मेट्रो से ऑफिस जाते हैं, तो कोशिश करें कि एक स्टॉप पहले उतर जाएं और बाकी का रास्ता पैदल तय करें।
काम के बीच ब्रेक
कुर्सी पर लगातार 2 घंटे न बैठें। अपनी पानी की बोतल को थोड़ा छोटा रखें ताकि आपको उसे भरने के लिए बार-बार उठना पड़े। फोन पर बात करते समय अपनी जगह पर ही थोड़ा टहल लें।
सीढ़ियों का उपयोग और सैर
अगर सुविधा हो और कोई शारीरिक परेशानी न हो, तो लिफ्ट की जगह सीढ़ियों का चुनाव करें। रात के खाने के बाद परिवार के साथ 15 मिनट की धीमी सैर बहुत फायदेमंद होती है।